Wednesday, 17 August 2016

प्रथम दिवस कथा समाचार

प्रथम दिवस कथा समाचार
रविवार चेन्नई,हरे रामा हरे कृष्णा सत्संग समिति के तत्वाधान में श्री रामदेव भवन में श्री मद भागवत कथा का शुभारंभ पंडित किशोरचन्द्र शास्त्री जी महाराज के श्री मुख से हुआ। कथा के कुछ अंश । 
कथा की सार्थकता जब ही सिध्द होती है जब इसे हम अपने जीवन में व्यवहार में धारण कर निरंतर हरि  स्मरण करते हुए अपने जीवन को आनंदमय, मंगलमय बनाकर अपना आत्म कल्याण करें। अन्यथा यह कथा केवल ' मनोरंजन ', कानों के रस तक ही सीमित रह जाएगी । भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शांति व मुक्ति मिलती है। इसलिए सद्गुरु की पहचान कर उनका अनुकरण एवं निरंतर हरि  स्मरण,भागवत कथा श्रवण करने की जरूरत है। श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जाग्रत हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है।  सत्संग व कथा के माध्यम से मनुष्य भगवान की शरण में पहुंचता है, वरना वह इस संसार में आकर मोहमाया के चक्कर में पड़ जाता है, इसीलिए मनुष्य को समय निकालकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। ब'चों को संस्कारवान बनाकर सत्संग कथा के लिए प्रेरित करें।  कलियुग में भागवत साक्षात श्रीहरि का रूप है। पावन हृदय से इसका स्मरण मात्र करने पर करोड़ों पुण्यों का फल प्राप्त हो जाता है।इस कथा को सुनने के लिए देवी देवता भी तरसते हैं और दुर्लभ मानव प्राणी को ही इस कथा का श्रवण लाभ प्राप्त होता है।श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही प्राणी मात्र का कल्याण संभव है। भगवान का नाम है सतचितआनन्द । श्री मदभागवत श्री हरि का वाङ्ग्मय स्वरूप है । हरि नाम संसार सागर पार करने की नोका है।भागवत जीवन को दिव्य बनाती है।घर में तुलसी जी होनी चाहिए और द्वार पर गैया होनी चाहिए।

   प्रातः काल शोभायात्रा राधा कृष्ण मंदिर से रामदेव भवन तक हुई। व्यास पूजन पंडित दामोदर प्रसाद विकास  गौड़ जी ने किया। कथा श्रवण करने के लिए सैंकड़ों श्रोता पधारे।  कथा के साथ-साथ सुंदर भजन एवं रामचरितमानस की चौपाइयां महाराज जी के श्री मुख से सुन कर श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए। यह जानकारी हरे रामा हरे कृष्णा सत्संग समिति ने दी।

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